पेरिस
 
पौलेंड की वर्ल्ड नंबर-1 इगा स्वियातेक (Iga Świątek) ने शनिवार को बड़ी उपलब्धि हासिल की. उन्होंने करियर में दूसरी बार टेनिस ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन जीत लिया है. फाइनल मुकाबले में स्वियातेक ने 18 साल की अमेरिकी स्टार कोको गॉफ को सीधे सेटों में 6-1, 6-3 से करारी शिकस्त दी.

कोको गॉफ अपने करियर में यह तीसरी बार फ्रेंच ओपन टूर्नामेंट में खेल रही हैं. इससे पहले गॉफ किसी भी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के फाइनल में नहीं पहुंच सकीं. यह उनका पहला ग्रैंड स्लैम फाइनल था. कोको गॉफ का करियर में पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने का सपना इस बार टूट गया. यही वजह रही कि वह हारने के बाद उनके आंसू छलक पड़े. कोको गॉफ स्पीच देते समय भावुक हुईं और आंसू पोंछते हुए सभी को शुक्रिया कहा.

इगा ने दूसरा ग्रैंड स्लैम फाइनल खेला और जीता

पौलेंड की इगा का यह दूसरा ग्रैंड स्लैम फाइनल था. इससे पहले उन्होंने एक बार फ्रेंच ओपन का ही फाइनल खेला था, जिसमें जीत दर्ज की थी. यह खिताब 2020 में जीता था. इस बार भी इगा ने फाइनल में जीत दर्ज की और करियर का दूसरा ग्रैंड स्लैम खिताब जीत लिया. इगा इसी साल ऑस्ट्रेलियन ओपन में सेमीफाइनल तक पहुंची थीं.

इगा स्वियातेक ने फाइनल में पहुंचने के लिए रूस की दारिया कसात्किना को शिकस्त दी. इगा ने सेमीफाइनल मुकाबला 6-2, 6-1 से अपने नाम किया. दोनों के बीच यह मुकाबला 1 घंटा और चार मिनट तक चला.

सबसे यंगेस्ट वुमन प्लेयर बनीं कोको गॉफ

वहीं, कोको गॉफ किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में पहली बार क्वार्टरफाइनल से आगे बढ़ी थीं. यह उनका पहला ग्रैंड स्लैम फाइनल था. वह 2021 में फ्रेंच ओपन में ही क्वार्टरफाइनल में बाहर हो गई थीं. कोको गॉफ इस समय WTA वर्ल्ड रैंकिंग में 23वें नंबर पर काबिज हैं. कोको गॉफ ने सेमीफाइनल में इटली की मार्टिना ट्रेविसन को सीधे सेटों में 6-3-6-1 से करारी शिकस्त दी थी.

कोको गॉफ 18 साल बाद फ्रेंच ओपन फाइनल खेलने वाली सबसे यंगेस्ट वुमन प्लेयर बन गई हैं. इससे पहले 2004 में रूस की मारिया शारापोवा सबसे यंगेस्ट वुमन प्लेयर बनी थीं. तब मारिया विनर रही थीं.

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