जयपुर
राजस्थान सरकार ने अलवर में एक नाबालिग लड़की के साथ कथित दुष्कर्म के मामले की जांच सीबीआई से कराने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में रविवार को उच्च स्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया। इसकी सिफारिश जल्द केंद्र सरकार ने की जाएगी। एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा था कि यदि पीड़िता का परिवार चाहेगा, तो मामले की जांच सीआईडी या सीबीआई या किसी भी स्वतंत्र एजेंसी से करवाने को तैयार हैं।

वहीं, प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार को बच्ची के पिता से बात की थी। मानसिक रूप से अस्वस्थ यह 16 साल की बच्ची अलवर के पुल पर अस्त-व्यस्त हालत में पाई गई थी और उसके निजी अंगों पर चोट के निशान थे, जिसके कारण उसके साथ दुष्कर्म की आशंका जताई जा रही थी। हालांकि, चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने बाद में दावा किया कि दुष्कर्म नहीं हुआ है।

हालांकि, बाद में अलवर के एसपी तेजस्विनी गौतम ने अपने बयान से यू-टर्न ले लिया है। गुरुद्वारा कमेटी के सदस्य रविवार को जब एसपी से मिले तो उन्होंने कहा कि रेप की आशंका से इनकार नहीं किया गया है। इससे दो दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर नाबालिग के साथ दुष्कर्म होने की आशंका नहीं लगती है।

इससे पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने शनिवार को मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि हम सच्चाई का पता लगाने के लिए सीबीआई जांच की मांग करते हैं। राजस्थान जैसे शांतिपूर्ण राज्य में पिछले तीन वर्षों में अपराध बढ़े हैं। पूनिया ने कहा था कि कांग्रेस नेता ने उत्तर प्रदेश में लड़की हूं, लड़ सकती हूं का नारा दिया, लेकिन राजस्थान में जो हुआ उसे नजरअंदाज कर दिया।

Source : Agency