भोपाल
बदलते दौर में सोशल मीडिया के ट्विटर, इंस्टाग्राम, फेसबुक और अन्य प्लेटफार्म का उपयोग नहीं करना अब सरकारी अफसरों के लिए परेशानी की वजह बन रहा है। नरसिंहपुर कलेक्टर की सख्ती इसी ओर इशारा कर रही है जहां दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए गए और उनसे पूछा गया है कि वे सोशल मीडिया पर अपना अकाउंट अब तक क्यों नहीं बना सके? इनके विरुद्ध जवाब सौंपने के बाद आगे की भी कार्यवाही की तैयारी है।

राज्य सरकार सोशल मीडिया पर वायरल सूचनाओं पर संज्ञान लेती है और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोशल मीडिया की ताकत को पहचानते हैं। इसीलिए कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों समेत जिला, संभाग में काम करने वाले मैदान अमले को सोशल मीडिया में खुद को एक्टिव रखने के लिए कहा गया है। नरसिंहपुर कलेक्टर रोहित सिंह ने तो इसे आमजनता की समस्या समाधान का माध्यम ही बना लिया है। पिछले माह जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में गंदगी, बिजली ट्रांसफार्मर समस्या समेत अन्य परेशानियों को देखते हुए उन्हें सोशल मीडिया पर सेंड द पिक कैम्पेन शुरू किया है। इस कैम्पेन में आम जन से समस्याओं से संबंधित तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया में अफसरों और विभागों के प्लेटफार्म पर अपलोड कराए जाकर उसका निराकरण जल्द से जल्द कराने का काम किया जाता है।

कलेक्टर खुद इसकी समीक्षा भी करते हैं ताकि समस्या समाधान होने के साथ यह भी पता चल सके कि अधिकारी गलत सूचना तो नहीं दे रहे हैं। पिछले दिनों इसी मामले में सोशल मीडिया पर अकाउंट नहीं बनाने पर एसडीओ फारेस्ट और ट्रेजरी आफिसर पर कलेक्टर जमकर नाराज हुए और दोनों ही अधिकारियों को नोटिस देकर जवाब मांगा है कि आखिर उनके द्वारा ट्विटर और फेसबुक पर सोशल मीडिया अकाउंट क्यों नहीं बनाया गया है? कलेक्टर समाधान कारक जवाब नहीं मिलने पर इनके विरुद्ध कार्यवाही करने की भी तैयारी में हैं।

 

Source : Agency