गाजियाबाद

गाजियाबाद में ट्रैफिक जाम एक बड़ी समस्या है. वैशाली मेट्रो और मोहननगर के बीच तो रोज का तगड़ा जाम देखने को मिल जाता है. लेकिन अब उसी ट्रैफिक जाम को खत्म करने के लिए बड़ी पहल कर दी गई है. ब्लू और रेड लाइन को जोड़ने के लिए रोप वे यानी ट्रॉली सेवा शुरू करने का फैसला लिया गया है. इस पर 487 करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी है और ये प्रोजेक्ट 2024 तक पूरा हो सकता है.

गाजियाबाद में शुरू होगी रोप वे सेवा

उस प्रोजेक्ट के पूरा हो जाने के बाद वैशाली मेट्रो से मोहननगर तक रोप वे के जरिए मात्र  8 से 12 मिनट में सफर को पूरा किया जा सकेगा. अभी इस यात्रा को पूरा करने में 40 मिनट से एक घंटे तक का समय चला जाता है. ऐसे में इस रोप पे के सक्रिय होने से गाजियाबाद के स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है. जानकारी दी गई है कि इसके परिचालन में 249 कैरिएज शामिल किए जाएंगे, जिनमें से प्रत्येक में 10 पैसेंजर सवार हो सकेंगे. इसकी फ्रीक्वेंसी एक मिनट की होगी और दोनों मेट्रो स्टेशनों के बीच की दूरी 8 से 12 मिनिट में पूरी होगी. रोप वे की लंबाई 5.17 किमी रखी जाएगी. असल मे इस परियोजना से न केवल इन इलाकों में यातायात के दबाव में कमी आएगी बल्कि रेड और ब्लू लाइनों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी होगी.

गाजियाबाद को ट्रैफिक मुक्त करने पर जोर

इस रोप वे के बनने के बाद ग़ाज़ियाबाद अपनी तरह का पहला शहर बन जाएगा जो यातायात के लिए एक जगह तीन विकल्प देगा, मेट्रो, रोप वे और सार्वजनिक बस सेवा, अगर ये प्रोजेक्ट सफल रहता है तो भविष्य में पूरे ग़ाज़ियाबाद में रोप वे को लेकर योजना बनाने पर भी विचार किया जा सकता है. रोड एंड ट्रैफिक एक्सपर्ट विक्रम सिंघल मानते हैं कि ये अच्छी पहल है जो दूसरों के लिए अब उदाहरण बन सकता है. मेट्रो शहरों में ट्रैफिक की समस्या को दूर करना काफी जरूरी है. आपको नए रास्ते तलाशने होंगे, नए विकल्प लोगों को देने होंगे.

Source : Agency