भोपाल
आम नागरिकों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से गठित उपभोक्ता आयोग द्वारा 2 प्रकरणों में परिवादी को 4 लाख रूपये से अधिक का मुआवजा मय ब्याज के स्वीकृत किया गया। आयोग द्वारा दिए गए निर्णय के अनुसार दो अलग-अलग प्रकरणों में न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी द्वारा परिवादी का दावा अस्वीकार किए जाने के कारण रीवा में महेन्द्र कुमार गुप्ता एवं सागर में मुन्नालाल प्रजापति के प्रकरण में न्यायोचित निर्णय लिया जाकर मुआवजा राशि मय ब्याज के परिवादी को भुगतान करने का निर्णय लिया गया।

आयोग द्वारा बताया गया कि परिवादी महेन्द्र कुमार गुप्ता द्वारा स्वयं के वाहन क्रमांक एमपी 17 एचएच799 जो अग्रवाल मोटर्स रीवा से क्रय किया गया और टाटा मोटर्स सतना से फाइनेंस कराया गया था। उक्त वाहन बजाज एलियांज इंश्योंरेंस कंपनी से न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी में अंतरित किया गया था 7 सितंबर, 2009 को दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण परिवादी द्वारा इंश्योरेंस कंपनी में बीमित राशि के भुगतान के लिए दावा किया गया परंतु पॉलिसी में वाहन की जानकारी गलत होने के कारण इंश्योरेंस कंपनी ने फिर जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा दावा निरस्त किये जाने से दावा राज्य आयोग में सुनवाई के लिए प्रस्तुत किया गया।

राज्य आयोग द्वारा पाया गया कि इंश्योरेंस कंपनी द्वारा बीमित वाहन के स्थान पर दूसरे वाहन की जानकारी पॉलिसी में भरने के कारण दावा निरस्त किया गया था। आयोग द्वारा निर्णय लिया जाकर बीमा कंपनी, परिवादी को राशि रूपये दो लाख 50 हजार 514, दायर परिवाद दिनांक से भुगतान तिथि तक 8 प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान करने के निर्देश दिए।इसके अलावा अपील पर हुए व्यय की राशि रूपये 10 हजार भी कंपनी द्वारा परिवादी भुगतान की जावेगी।

एक अन्य प्रकरण में सागर में परिवादी मुन्नालाल प्रजापति को उनके बीमित वाहन में आग लग जाने के कारण हुई क्षति का दावा इंश्योरेंस कंपनी द्वारा यह कहते हुए निरस्त किया गया कि घटना के समय वाहन चालक पर लाइट मोटर व्हीकल लायसेंस होने के बावजूद माल वाहक वाहन चला रहा था, वाहन में क्षमता से अधिक माल भरा होने एवं वाहन चालक एवं क्लीनर के साथ एक अन्य आदमी बैठा हुआ था। कंपनी द्वारा दावा निरस्त करने के बाद परिवादी ने दावा जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया। आयोग ने दावा आंशिक रूप से स्वीकार कर प्रतिवादी को एक लाख 63 हजार 518 का भुगतान  परिवाद दायर करने की दिनांक से 8.5 प्रतिशत की दर से ब्याज सहित भुगतान करने एवं सेवा में कम के लिए 5 हजार और अन्य क्षति के रूप में एक हजार रूपये अतिरिक्त भुगतान के आदेश जारी किए गए।

प्रकरण में इंश्योरेंस कंपनी द्वारा राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की गई राज्य आयोग द्वारा आंशिक रूप से अपील स्वीकार करते हुए जले हुए वाहन के मलबे की राशि रूपये 50 हजार कम करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग का शेष आदेश यथावत रखा गया।

Source : Agency